बिहार में डोनाल्ड ट्रंप बना स्थानीय निवासी, निवास प्रमाण पत्र जारी होने से मचा बवाल,
SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल
25 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Bihar Election: बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर ब्लॉक से एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से एक निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस खबर के सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अभी हाल ही में डॉग बाबू के नाम पर प्रमाण पत्र बनाने का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। ऐसे में एक और फर्जीवाड़े ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के विरोध को भी हवा मिल गई है।
वायरल हुआ डोनाल्ड ट्रंप के नाम का सर्टिफिकेट
बताया जा रहा है कि इस निवास प्रमाण पत्र पर डोनाल्ड ट्रंप की फोटो लगी हुई है और उनके नाम के साथ व्यक्तिगत जानकारियां भी दर्ज हैं। आवेदन पत्र की तारीख 29 जुलाई 2025 दर्ज है। इस सर्टिफिकेट में साफ लिखा है कि डोनाल्ड ट्रंप बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर ब्लॉक के निवासी हैं। जैसे ही यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला चर्चा में आ गया।
प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई, दर्ज हुई एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व अधिकारी मोहिउद्दीननगर ने 4 अगस्त 2025 को ही इस आवेदन को रद्द कर दिया। साथ ही एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ समस्तीपुर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन का मानना है कि यह सब गहन पुनरीक्षण अभियान को बाधित करने के इरादे से किया गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीम को लगाया गया है कि यह शरारत किसने और कैसे की।
ये भी पढ़ें.. बिहार में सरकारी सिस्टम का कमाल, डॉग बाबू को मिला निवास प्रमाण पत्र, पिता बने कुत्ता बाबू, अंचल कार्यालय ने जारी किया दस्तावेज़...https://upnewsnetwork.co.in/national/bihar-dog-babu-gets-residence-certificate-rtps-blunder-up-news
तेजस्वी यादव भी उठा चुके हैं सवाल
इससे पहले बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी शिकायत की थी कि उनका नाम बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है। उन्होंने SIR के तहत चल रही प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। अब ट्रंप के नाम पर बने प्रमाण पत्र ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।