माफ कीजिए मुझे... भावुक हुए अनिरुद्धाचार्य, महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर मांगी माफी,
बोले- नारी तो लक्ष्मी है
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Aniruddhacharya: प्रसिद्ध भागवताचार्य और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं को लेकर की गई विवादित टिप्पणी अब तूल पकड़ चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने कुछ लड़कियों की उम्र और उनके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिसके बाद महिला संगठनों समेत आम जनता में नाराजगी फैल गई। मामला इतना बढ़ा कि अनिरुद्धाचार्य को सामने आकर सफाई देनी पड़ी और माफी भी मांगनी पड़ी। हालांकि, इसके बावजूद उनके खिलाफ विरोध थम नहीं रहा है।
वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा
दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें अनिरुद्धाचार्य ने कुछ युवतियों के पहनावे, रिश्तों और आचरण को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने लड़कियों के लिव-इन रिलेशनशिप और चार-चार जगह मुंह मारने जैसी टिप्पणी की, जिससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। खासकर महिलाओं के संगठनों ने इसे नारी समाज के सम्मान पर हमला बताया और कड़ी आलोचना शुरू कर दी।
बयान पर दी सफाई मांगी माफी
बढ़ते विवाद को देखते हुए अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा कभी भी नारी समाज का अपमान करना नहीं था। उनका बयान सिर्फ कुछ विशेष घटनाओं और व्यक्तियों के व्यवहार को लेकर था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वायरल वीडियो को एडिट कर कुछ शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे बात का गलत अर्थ निकल गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नारी तो हमारी लक्ष्मी है, अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं क्षमा चाहता हूं।
ये भी पढ़ें... 25 साल की लड़की चार जगह... अनिरुद्धाचार्य ने महिलाओं पर ऐसा क्या कह दिया कि मचा बवाल, FIR की नौबत तक पहुंचा मामला
महिलाओं ने कहा – माफी से बात नहीं बनेगी
हालांकि माफी के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कई महिला संगठनों ने कहा कि यह सिर्फ जुबानी माफी का मामला नहीं है, बल्कि ऐसे बयानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और संतों ने भी इसे संत समाज की मर्यादा के खिलाफ बताया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें लगातार ट्रोल कर रहे हैं और मंच से हटाने की मांग कर रहे हैं।
विवाद और दबाव के बीच संकट में छवि
इस पूरे घटनाक्रम ने अनिरुद्धाचार्य की छवि पर गहरा असर डाला है। भले ही उन्होंने माफी मांग ली हो, लेकिन जिस तरह से महिला संगठनों का गुस्सा और सामाजिक आलोचना बढ़ रही है, वह उनके भविष्य के धार्मिक आयोजनों पर असर डाल सकती है। धर्म और समाज के बीच संतों की भूमिका हमेशा आदर्श मानी जाती रही है, ऐसे में भाषा और सोच को लेकर सटीकता की उम्मीद और ज़िम्मेदारी भी उनसे जुड़ी होती है।